राजपूत: वीपी सिंह और स्वतंत्र राजनीति

By Amit Singhji – क्षत्रिय समाज ने कभी भी भविष्य की राजनीति नहीं की है ।इसीलिए आज क्षत्रिय समाज राजनीति में निरंतर पतन की ओर अग्रसर हो रहा है।बिहार में नीतीश कुमार ने विश्वनाथ प्रताप सिंह वाली पॉलिसी अपनाई हुई है। इसलिए आबादी में कम होते हुए भी नीतीश कुमार सफल हैं।अधिकतर राजनीतिक दलों नेContinue reading “राजपूत: वीपी सिंह और स्वतंत्र राजनीति”

राजपूत : पराभव और सुनियोजित दुष्प्रेरण की कहानी

स्वतंत्रता के बाद अंग्रेजों के जाने के साथ ही सभी राजनैतिक पार्टियों चाहे वो कांग्रेस हो या जन संघ, को नवजात लोकतंत्र की कमियों और उसमे व्याप्त भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए नए दुश्मनों की जरूरत थी, कोई ऐसा विरोधी जिस पर अंगुली उठायी जा सके, जिसके खिलाफ अधिकाँश जनता को अपने पक्ष मेंContinue reading “राजपूत : पराभव और सुनियोजित दुष्प्रेरण की कहानी”

राजपूत : पराभव और सुनियोजित दुष्प्रेरण की कहानी

सिपहसालार प्रतिहार (translated by P S Shekhawat) स्वतंत्रता के बाद अंग्रेजों के जाने के साथ ही सभी राजनैतिक पार्टियों चाहे वो कांग्रेस हो या जन संघ, को नवजात लोकतंत्र की कमियों और उसमे व्याप्त भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए नए दुश्मनों की जरूरत थी, कोई ऐसा विरोधी जिस पर अंगुली उठायी जा सके, जिसकेContinue reading “राजपूत : पराभव और सुनियोजित दुष्प्रेरण की कहानी”

अहीर “सामाजिक न्याय” राजनीति का विश्लेषण (Analysis of Ahir Politics of “Social Justice”)

Harishankar Shahi ✍️ , (यहां केवल कॉपी किया गया है) इस देश का सबसे बड़ा चुटकुला सामाजिक न्याय है जिस पर हंसी के बजाए दर्द होता है. इस पर लिखना बिल्कुल बेकार सा है। कल लालू प्रसाद यादव के जन्मदिवस पर सामाजिक न्याय दिवस की पींपड़ी बजाई जा रही थी, और यह बजाने वाले कौन हैं.Continue reading “अहीर “सामाजिक न्याय” राजनीति का विश्लेषण (Analysis of Ahir Politics of “Social Justice”)”

क्षत्रिय इतिहास के राजनीतिकरण पर समाज को मेसेज (A Message to Kshatriya Samaj on Politicization of Ethnic History)

Siddhartha Singh Gautam ✍️ राजस्थान में हल्दीघाटी और महाराणा प्रताप जी को लेकर चल रही उथल-पुथल पर दो दिन पूर्व एक भाई ने लेख लिखने को कहा था। अव्वल तो सुशांत सिंह राजपुत्र की मृत्यु पर समाज की प्रतिक्रिया देखकर क्षत्रिय समाज के प्रति हृदय जुगुप्सा से भर गया है इसलिए कुछ भी लिखने कीContinue reading “क्षत्रिय इतिहास के राजनीतिकरण पर समाज को मेसेज (A Message to Kshatriya Samaj on Politicization of Ethnic History)”

स्वंत्र क्षात्र धर्म की आवश्यकता (Need to revive Independent Rajput Religion — Nath Panth)

Puspendra Rana ✍️ राजपूत बेहद धार्मिक और आध्यात्मिक समुदाय है। एक सैनिक जाती के लिये धार्मिक एवं आध्यात्मिक होना प्राकृतिक है क्योंकि एक कट्टर आस्थावान और सीधा सरल चित्त व्यक्ति ही युद्ध मे किसी राजा के लिये सर कटवा सकता था। ज्यादा दिमाग चलाने वाले, सैनिक कम ही बनते हैं। एक सैनिक ईमानदार होता हैContinue reading “स्वंत्र क्षात्र धर्म की आवश्यकता (Need to revive Independent Rajput Religion — Nath Panth)”

राजपूत और किसान राजनीति (Rajputs & Peasant Politics)

Pushpendra Rana ✍️ किसान संगठन लोकतंत्र में दबाव गुट के रूप में काम करते हैं। लेकिन इस तरह के ज्यादातर संगठन किसी ना किसी राजनैतिक दल या ताकत से जुड़े होते हैं और इनका मुख्य उद्देश्य किसानो के हित के लिए लड़ना नही बल्कि अपने अपने राजनितिक आकाओं के फायदे के लिए सरकारो के खिलाफContinue reading “राजपूत और किसान राजनीति (Rajputs & Peasant Politics)”

राजपूत समाज की सामाजिक और राजनैतिक अनभिज्ञता की जड़ें (Rootcause of Political & Social Ignorance of Rajputs)

Pushpendra Rana writes ✍️ NOTE:- आर्टिकल का फोकस राजपूतो की राजनीतिक सोच के कारणों और इस सोच के कारण हुए प्रभावों पर है ना कि राजाओं और महाराजो पर।  राजपूत समाज की आज जो राजनीतिक चेतना का स्तर है उसके लिए सबसे ज्यादा राजे महाराजे जिम्मेदार हैं। आप सोच कर देखिए राजस्थान का कोई राजाContinue reading “राजपूत समाज की सामाजिक और राजनैतिक अनभिज्ञता की जड़ें (Rootcause of Political & Social Ignorance of Rajputs)”

Rajputs &Urgency of Awareness (राजपूतों में सामाजिक चेतना की जरूरत)

Pushpendra Rana ✍️ ट्रेंड वगैरह कराने से इतिहास नही बचेगा। इतिहास बचाना है तो वर्तमान मजबूत करो। मराठो को फर्क नही पड़ता अगर कोई शिवाजी को किसी और जाति का बताए। जाटो को फर्क नही पड़ने वाला सूरजमल को किसी और जाति का बताने पर। क्योंकि उन्हें पता है कोई इक्का दुक्का कुछ भी बोलContinue reading “Rajputs &Urgency of Awareness (राजपूतों में सामाजिक चेतना की जरूरत)”

What is Political Awareness? (राजनैतिक जागरूकता क्या है?)

Pushpendra Rana ✍️ राजनीतिक चेतना का मतलब सिर्फ सांसद और विधायक की संख्या नही होती। सांसद और विधायक तो राजपूत ही सबसे ज्यादा हैं इस देश में। देश मे सबसे ज्यादा सांसद राजपूत हैं। ब्राह्मणो के अलावा कोई और जाति आसपास भी नही। यूपी और एमपी में हर बार सबसे ज्यादा विधायक राजपूत होते हैं।Continue reading “What is Political Awareness? (राजनैतिक जागरूकता क्या है?)”